बिजली विभाग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए : सीएम चंद्रबाबू
Special attention should be paid to the Electricity Department
** संस्थाऐं 31 योजना राशि 39,436 करोड़ रुपये ।
** एसपीबी की बैठक में कहा निवेश नवीनउत्पादित बिजली की खपत होनी चाहिए
अन्य राज्यों को आपूर्ति करने के लिए ट्रांसमिशन लाइनें **
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( अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
अमरावती : : (आंध्र प्रदेश) मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने अधिकारियों को राज्य में उत्पन्न सौर ऊर्जा के पूर्ण उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रायलसीमा जिलों में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय परियोजनाएं स्थापित करने की संभावना है। राज्य निवेश संवर्धन परिषद (एसआईपीबी) की 16वीं बैठक मंगलवार को सचिवालय में हुई। इसमें उन्होंने 31 कंपनियों के संबंध में 39,436.84 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस बैठक में सीएम ने बात की। अक्षय क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की संभावना है। उनसे अन्य राज्यों में आने वाली बिजली की आपूर्ति के लिए ट्रांसमिशन लाइनों की स्थापना की जानी चाहिए। वर्तमान में राजस्थान का सौर ऊर्जा उत्पादन जारी है, लेकिन वे इसका पूर्ण उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
हमें वैकल्पिक तरीकों का पालन करना चाहिए ताकि हमें ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण में राज्य महत्वपूर्ण हो जाना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद उद्योग श्रीसिटी, कोप्पार्थी और अनंतपुर में स्थापित किए जाने चाहिए। कृषि, बागवानी और जलीय कृषि के क्षेत्र में आने वाले कचरे का उपयोग करने के लिए परियोजनाओं को आमंत्रित किया जाना चाहिए।
यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इन क्षेत्रों में प्रदूषक के बिना इथेनॉल प्रकार के उप-उत्पाद उपलब्ध हैं। सीएम ने सुझाव दिया कि इस पर अध्ययन के लिए केंद्रीय सहयोग लिया जाना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 325 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावना है। मंत्री लोकेश ने सुझाव दिया कि बिजली को राज्य और केंद्रीय ग्रिड से जोड़ा जाना चाहिए।